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बच्चों की कुंडली0 से 13 वर्ष — ग्रहों के अनुसार परवरिश

सत्ताईस नक्षत्र

हर नक्षत्र का बच्चा अलग होता है

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, वह बच्चे का जन्म-नक्षत्र है — और कुंडली की सबसे निजी चीज़। नीचे हर नक्षत्र में तीन बातें हैं: बच्चे का स्वभाव, माँ-बाप के लिए एक ठोस काम, और एक ध्यान रखने की बात।

1 अश्विनी स्वामी केतु गंडमूल

होशियारी और काम का हुनर — इसे काम का तरीक़ा जल्दी समझ आता है, और सबके दिल में जगह बनाना इसके लिए आसान है। सजने-सँवरने का शौक़ भी।

यह कीजिए — छोटे-छोटे असली काम दीजिए — थाली लगाना, चीज़ें छाँटना, कुछ जोड़ना — और उनमें दिखे हुनर की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — पसंद किया जाना इसे आसानी से मिलता है; तारीफ़ मेहनत और भलाई की कीजिए, रूप की नहीं।
चूचेचोला

चार चरणों के नामाक्षर

2 भरणी स्वामी शुक्र

भीतर से बहुत मज़बूत। जो ठान ले उसे पूरा करके छोड़ता है, चाहे कितना भी लगे।

यह कीजिए — कोई असली लक्ष्य दीजिए — कोई काम, कोई हुनर — और नतीजे जितनी ही इसकी सच्चाई की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — एक बार किसी चीज़ पर मन टिक गया तो छोड़ना मुश्किल — ऐसे लक्ष्य चुनने में मदद कीजिए जो उस पकड़ के लायक़ हों।
लीलूलेलो

चार चरणों के नामाक्षर

3 कृत्तिका स्वामी सूर्य

तेज़ और जोश से भरा स्वभाव — इसकी चमक लोगों की नज़र में आती है। भूख भी अच्छी।

यह कीजिए — इस चमक को मंच दीजिए — कविता-पाठ, नाटक में कोई भूमिका — और खाना समय पर, मात्रा संतुलित रखिए।
ध्यान रखिए — पाचन और गर्मी का ध्यान — तला-भुना जल्दी असर करता है।
आईउए

चार चरणों के नामाक्षर

4 रोहिणी स्वामी चंद्र

सच्चा स्वभाव, मीठी बोली और पक्की राय — साफ़-सफ़ाई पसंद, और दूसरों की चीज़ पर नज़र नहीं।

यह कीजिए — ईमानदारी की खुलकर तारीफ़ कीजिए, और धीरज वाले काम दीजिए — आख़िर तक टिके रहने का गुण इसमें है।
ध्यान रखिए — पक्की राय कभी-कभी अड़ बन जाती है; बात काटने से पहले समझाइए।
ओवा/बावी/बीवू/बू

चार चरणों के नामाक्षर

5 मृगशिरा स्वामी मंगल

खोजी, चुस्त मन और अच्छी बोली — हर चीज़ में 'क्यों' और 'कैसे' — पर नई चीज़ों से थोड़ा सहमने वाला स्वभाव।

यह कीजिए — सवालों का जवाब हर बार दीजिए, टालिए मत। किताबें और प्रयोग इसके सबसे अच्छे खिलौने हैं।
ध्यान रखिए — मन जल्दी भटकता है; एक काम पूरा करवाने की आदत ज़रूरी है।
वे/बेवो/बोकाकी

चार चरणों के नामाक्षर

6 आर्द्रा स्वामी राहु

गहरा महसूस करने वाला। तूफ़ान जैसा भी हो सकता है और बारिश के बाद की शांति जैसा भी।

यह कीजिए — भावना चरम पर हो तब बहस मत कीजिए — शांत होने दीजिए, फिर बात कीजिए; और सच बोलना और 'धन्यवाद' कहना रोज़ की आदत बनाइए।
ध्यान रखिए — मौसम बदलने पर सेहत और मूड दोनों पर असर पड़ता है।
कूघङछ

चार चरणों के नामाक्षर

7 पुनर्वसु स्वामी गुरु

शांत, भला और धीरज वाला स्वभाव — छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुश, और पूजा-पाठ की ओर झुकाव।

यह कीजिए — रफ़्तार बिना हड़बड़ी रखिए, बात दो बार बिना झुँझलाए समझाइए, और शाम की पूजा में शामिल कीजिए।
ध्यान रखिए — छोटी-मोटी बीमारी ज़्यादा होती है और प्यास जल्दी लगती है — पानी पास रखिए, और बुख़ार को हल्के में मत लीजिए।
केकोहाही

चार चरणों के नामाक्षर

8 पुष्य स्वामी शनि

पालने-पोसने वाला स्वभाव। छोटों और जानवरों का ख़याल रखेगा।

यह कीजिए — इसे ज़िम्मेदारी दीजिए — पौधा, पालतू, या छोटे भाई-बहन की देखभाल। यहीं से खिलता है।
ध्यान रखिए — दूसरों की चिंता में अपनी ज़रूरत भूल जाता है; पूछते रहिए कि इसे क्या चाहिए।
हूहेहोडा

चार चरणों के नामाक्षर

9 अश्लेषा स्वामी बुध गंडमूल

चौकस, लोगों को जल्दी भाँप लेने वाला स्वभाव, मन की बात अपने तक — और खाने-पीने में ज़्यादा परहेज़ नहीं।

यह कीजिए — सच बोलना सुरक्षित बनाइए — अटपटा हो तब भी सच की तारीफ़ कीजिए — और 'धन्यवाद' को रोज़ की आदत बनाइए।
ध्यान रखिए — पेट और पाचन संवेदनशील; खाने का समय पक्का रखिए।
डीडूडेडो

चार चरणों के नामाक्षर

10 मघा स्वामी केतु गंडमूल

बड़ों से, पूजा-पाठ से और घर के पुरखों से गहरा जुड़ाव — और बड़े काम हाथ में लेने की चाह।

यह कीजिए — घर की रीतियों में इसे असली भागीदारी दीजिए, और अपना एक बड़ा काम — कोई ऐसा काम जिसकी अगुवाई यह करे।
ध्यान रखिए — दादा-दादी, नाना-नानी का साथ छूटने मत दीजिए — यह साथ इसे असाधारण मज़बूती देता है।
मामीमूमे

चार चरणों के नामाक्षर

11 पूर्वा फाल्गुनी स्वामी शुक्र

मीठी बोली और खुला हाथ — और बाहर घूमने-फिरने का शौक़।

यह कीजिए — घूमना और दोस्त भरपूर दीजिए, और घर के मौक़ों पर देने का काम इसे सौंपिए।
ध्यान रखिए — घूमने की चाह तेज़ है; लौटकर टिकने के लिए रोज़ की एक पक्की दिनचर्या रखिए।
मोटाटीटू

चार चरणों के नामाक्षर

12 उत्तरा फाल्गुनी स्वामी सूर्य

सबका प्रिय स्वभाव, और पढ़ाई में असली चमक — जो विद्या मिलेगी, वही इसकी ताक़त बनेगी।

यह कीजिए — पढ़ाई को आनंद बनाइए — किताबें, सवाल, छोटे प्रोजेक्ट — और दिखाइए कि घर में इसकी क़द्र है।
ध्यान रखिए — आराम आसानी से मिलता है; दिनचर्या में रोज़ थोड़ी मेहनत ज़रूर रखिए।
टेटोपापी

चार चरणों के नामाक्षर

13 हस्त स्वामी चंद्र

ऊर्जा और उपायों से भरा — हिम्मती, उद्यमी, और रास्ता जल्दी निकाल लेने वाला स्वभाव। इस हिम्मत को प्यार भरी सीमाएँ चाहिए।

यह कीजिए — जल्दी सिखाइए कि कौन-सी चीज़ किसकी है — लेने से पहले पूछना — और चतुराई जितनी ही दया की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — दया जान-बूझकर सिखानी होगी; हर नरम व्यवहार को देखिए और सराहिए।
पूषणठ

चार चरणों के नामाक्षर

14 चित्रा स्वामी मंगल

सुंदरता का पारखी। रंग, डिज़ाइन और दिखावट पर गहरी नज़र।

यह कीजिए — कपड़े, सजावट, कला — जहाँ चुनाव करना हो वहाँ इसे चुनने दीजिए।
ध्यान रखिए — दिखावे पर ज़्यादा ध्यान जा सकता है; भीतर की बात भी उतनी ही अहम है, यह कहते रहिए।
पेपोरारी

चार चरणों के नामाक्षर

15 स्वाति स्वामी राहु

नरम, मीठा बोलने वाला और दयालु स्वभाव — शांत, संयमी, और दूसरों की परवाह करने वाला। अदला-बदली, बाँटना और मोल-भाव पसंद।

यह कीजिए — बाँटने और लेन-देन के छोटे मौक़े दीजिए — खाने की चीज़ें बाँटना, दुकान-दुकान का खेल — और दया की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — प्यास जल्दी लगती है — पानी पास रखिए; हवा-पानी बदलने का असर भी जल्दी होता है।
रूरेरोता

चार चरणों के नामाक्षर

16 विशाखा स्वामी गुरु

चमकदार और साफ़ बोलने वाला स्वभाव, और दूसरों के पास जो है उसकी तीव्र चाह। किसी और की जीत पर ख़ुश होना सीखना — यही इसका बड़ा पाठ है।

यह कीजिए — जलन या झगड़ा दिखे तो शांति से उसका नाम लीजिए और 'शाबाश' कहने में मदद कीजिए। जीतने से ज़्यादा बाँटने की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — दोस्तों के बीच झगड़े उठ सकते हैं; पक्ष लेने की जगह सुलह कराना सिखाइए।
तीतूतेतो

चार चरणों के नामाक्षर

17 अनुराधा स्वामी शनि

घूमने का शौक़ — नई जगहें और लंबी सैर इसे रास आती हैं। भूख जल्दी लगती है।

यह कीजिए — इसे जगह-जगह ले जाइए — सैर, पार्क, नई गलियाँ — और साथ में कुछ खाने का हमेशा रखिए।
ध्यान रखिए — भूख लगते ही चिड़चिड़ापन जल्दी आता है; खाना समय पर रखिए।
नानीनूने

चार चरणों के नामाक्षर

18 ज्येष्ठा स्वामी बुध गंडमूल

संतोषी और नेक दिल, सही-ग़लत की साफ़ समझ — पर ग़ुस्सा जल्दी, और दोस्तों का छोटा दायरा।

यह कीजिए — भीड़ के लिए ज़ोर मत डालिए — एक-दो पक्के दोस्त काफ़ी हैं। ग़ुस्सा भड़के तो शांत होने की एक जगह दीजिए, बात बाद में कीजिए।
ध्यान रखिए — ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; उबलने से पहले उसे नाम देना सिखाइए।
नोयायीयू

चार चरणों के नामाक्षर

19 मूल स्वामी केतु गंडमूल

ख़ुशमिज़ाज, स्थिर और नरम — किसी को चोट पहुँचाने की इच्छा नहीं — और मज़बूत स्वाभिमान, पक्की राय।

यह कीजिए — 'बड़े कह रहे हैं' मत कहिए — कारण बताइए। यह बच्चा कारण समझकर ज़्यादा अच्छे से मानता है।
ध्यान रखिए — शुरुआती वर्षों में सेहत और घर का माहौल — दोनों पर थोड़ा ज़्यादा ध्यान चाहिए।
येयोभाभी

चार चरणों के नामाक्षर

20 पूर्वाषाढ़ा स्वामी शुक्र

स्वाभिमानी और वफ़ादार — एक बार की दोस्ती हमेशा की दोस्ती।

यह कीजिए — इस वफ़ादारी की क़द्र कीजिए — पुराने दोस्तों से मिलना बनाए रखिए, दोस्ती को टिकने दीजिए।
ध्यान रखिए — हार मानना नहीं आता; कभी-कभी पीछे हटना भी ताक़त है, यह सिखाइए।
भूधाफाढा

चार चरणों के नामाक्षर

21 उत्तराषाढ़ा स्वामी सूर्य

शिष्ट, न्यायप्रिय और कृतज्ञ — दोस्ती आसानी से, और सबके दिल के क़रीब।

यह कीजिए — अच्छे व्यवहार को देखिए और उसका धन्यवाद कीजिए। दोस्तों के साथ भरपूर समय और मदद करने के मौक़े दीजिए।
ध्यान रखिए — भलाई इसे सहज आती है; यह भी सिखाइए कि ग़लत बात पर 'ना' कहना भी सही है।
भेभोजाजी

चार चरणों के नामाक्षर

22 श्रवण स्वामी चंद्र

सुनकर सीखने वाला। कहानियाँ और बातें इसके दिमाग़ में बस जाती हैं।

यह कीजिए — पढ़ाने से ज़्यादा सुनाइए — कहानी, कथा, ऑडियो। यही इसका सबसे तेज़ रास्ता है।
ध्यान रखिए — कान और गला संवेदनशील; ठंड और तेज़ आवाज़ से बचाइए।
खीखूखेखो

चार चरणों के नामाक्षर

23 धनिष्ठा स्वामी मंगल

लय वाला स्वभाव — संगीत और ताल सहज आते हैं — बहादुरी, और अपनी चीज़ें देने में खुला हाथ।

यह कीजिए — कोई एक वाद्य या नृत्य ज़रूर शुरू करवाइए — यह सिर्फ़ शौक़ नहीं, इसकी बनावट है।
ध्यान रखिए — बहुत सक्रिय है; थकने का मौक़ा रोज़ चाहिए वरना नींद बिगड़ेगी।
गागीगूगे

चार चरणों के नामाक्षर

24 शतभिषा स्वामी राहु

साफ़ और सच बोलने वाला, हिम्मती, अपनी राह चलने वाला स्वभाव — आसानी से बात मनवाई नहीं जा सकती।

यह कीजिए — सच्चाई की क़द्र कीजिए, चाहे वह रूखी हो। किसी चुनौती से पहले रुककर सोचना सिखाइए, और हुक्म की जगह वजह दीजिए।
ध्यान रखिए — शब्द कभी रूखे निकल जाते हैं; वही सच नरमी से कहने का तरीक़ा सिखाइए।
गोसासीसू

चार चरणों के नामाक्षर

25 पूर्वा भाद्रपद स्वामी गुरु

साफ़ बोलने वाला, समझदार स्वभाव, पर चिंता करने की आदत — मन जल्दी उलझ जाता है।

यह कीजिए — चिंता को निकलने की जगह दीजिए — रोज़ सोने से पहले थोड़ी बात — और हफ़्ते में एक बार अपनी कोई चीज़ बाँटने की आदत।
ध्यान रखिए — नींद और मन की शांति पर ध्यान; सोने से पहले स्क्रीन बिल्कुल नहीं।
सेसोदादी

चार चरणों के नामाक्षर

26 उत्तरा भाद्रपद स्वामी शनि

अच्छा बोलने वाला, ख़ुशमिज़ाज स्वभाव — दूसरों के बीच अपनी बात रख लेने वाला, और सही-ग़लत की मज़बूत समझ।

यह कीजिए — इसे बोलने का मौक़ा दीजिए — घर को दिन का हाल सुनाना, कविता, किसी चीज़ को समझाना। निष्पक्ष खेल की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — अपनी बात रखना कभी हर बहस जीतने की ज़िद बन सकता है; सुनना भी सिखाइए।
दूथझञ

चार चरणों के नामाक्षर

27 रेवती स्वामी बुध गंडमूल

सुगठित, सबके दिल के क़रीब, और दिखने से ज़्यादा बहादुर — ईमानदार स्वभाव, जो अपना नहीं उसकी चाह नहीं।

यह कीजिए — हिम्मत के छोटे काम दीजिए — नई फिसलपट्टी पर पहले जाना, किसी दोस्त के लिए बोलना — और साहस और ईमानदारी की तारीफ़ कीजिए।
ध्यान रखिए — सबके दिल के क़रीब होने से 'ना' कहना मुश्किल हो सकता है; सिखाइए कि 'ना' कहना भी ठीक है।
देदोचाची

चार चरणों के नामाक्षर

ये पाठ बच्चों के लिए अपने लिखे गए हैं। बड़ों की किताबों में इन्हीं नक्षत्रों के बारे में जो कहा गया है, वह एक बच्चे के बारे में ज्यों-का-त्यों उठाना ठीक नहीं — इसलिए नहीं उठाया गया।